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Friday, April 24, 2020

कंपन की परिभाषा

द्रुतार्धमान वेगेन कम्पितं गमकं विदुः। 
अर्थात द्रुतलय की आधी गति से कम्पन होने से कम्पित स्वर माना जाता है जिसे गामक भी कहते हैं।

स्वरों को हिलाने से कम्पन होता है।  सितार में जिस स्वर का कम्पन करना हो, उस स्वर के परदे पर बाएं हाथ की अंगुली (मध्यमा या तर्जनी) से तार को दबा कर दाहिने हाथ की तर्जनी से तर को मिजराब से ठोंक कर फिर हलके-हलके बाएं हाथ की अंगुली को हिलाने से जो स्वर उत्पन्न होता है, उसे कम्पन कहते हैं।  यह एक प्रकार का Gamak गमक है।

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